2 साल से बालक को बंधुआ मजदूरी कराया जा रहा था, बाल संरक्षण और बचपन बचाओ की टीम ने रेस्क्यू कर चाइल्ड होम भेजा

रायपुर (काकाखबरीलाल).राजधानी रायपुर में एक नाबालिग आदिवासी बालक से बंधुआ मजदूरी कराने का मामला सामने आया है। बच्चे को जिला बाल संरक्षण और बचपन बचाओ की टीम ने रेस्क्यू कर चाइल्ड होम भेज दिया है।
मामला राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र के पचपेड़ी इलाके का है। यहां त्रिवेणी विहार स्थित जैन प्रोविजन द्वारा झारखंड के गिरडी जिले के एक नाबालिक बच्चे से काम कराये जाने की सूचना जिला बाल सरंक्षण अधिकारी नवनीत स्वर्णकार और बचपन बचाओ के राज्य समन्वयक संदीप राव को मिली थी। सूचना मिलने के बाद जिला बाल सरंक्षण और बचपन बचाओ की टीम उस प्रोविजन स्टोर पर पहुंचकर बच्चे का रेस्क्यू किया। जिसके बाद उसे चाइल्ड होम भेज दिया गया। जिला बाल संरक्षण द्वारा बच्चे को सीडब्लूसी के समक्ष पेश कर उसका काउंसलिंग कराया जाएगा। उधर बच्चे के रेस्क्यू किये जाने की सूचना टीम ने टिकरापारा थाने में दी है। बताया जा रहा है कि जैन प्रोविजन का संचालक नाबालिक बच्चे को 2 साल पहले झारखंड से लेकर आया था। बच्चे को वह अपने घर मे रखता था। उसने बच्चे को महीने के तीन हजार देने की बात कही थी लेकिन आज तक उसने एक रुपये भी बच्चे को नही दिया। रेक्सयू किये गए बच्चे ने भी बताया कि उसे दो साल पहले यहां लाया गया था। जैन प्रोविजन का संचालक उसे अपने घर मे रखता था और ठीक से खाना भी नही देता था। बताया जा रहा है कि इस मामले में अब जैन प्रोव्हिजन स्टोर के संचालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कराया जा सकता है।

























