महासमुन्द : जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक : अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के गणना कार्य में गति लाएं: कलेक्टर

कलेक्टर डोमन सिंह ने आज ज़िले में पिछले 1सितंबर से अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप सेकमजोर वर्गों के किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य की प्रगतिके संबंध में जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठकली। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप सेकमजोर वर्गों के गणना कार्य में और तेज़ी से कार्यकरने कहा। कलेक्टर ने ज़िले के सभी अनुविभागीयअधिकारी राजस्व को सर्वेक्षण में निकाय स्तरीय एवंविकासखंड स्तरीय समिति का गठन तुरंत करने केनिर्देश दिए और सर्वेक्षण संबंधी रिव्यू मीटिंग अनुभागस्तर करने की बात कही। जो अपने क्षेत्र में अन्यपिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों कासर्वेक्षण करेगा उसकी ज़ोन,वार्ड बार सूची प्रकाशितकरेगा। विकासखंड स्तर पर ग्राम पंचायत अन्य पिछड़ावर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सर्वेक्षण कीइकाई होगा और सूची का प्रकाशन ग्राम पंचायत स्तरपर होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण का कार्य वार्ड बारकिया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने अन्य पिछड़ा वर्ग तथाआर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सर्वेक्षण समिति केकर्तव्य के बारे में भी विस्तार से बताया और अमलकरने को कहा । बैठक में जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री आकाश छिकारा, डिप्टीकलेक्टर डॉ. नेहा कपूर, जिला सांख्यिकी अधिकारी श्रीवी.पी. सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री ए.के.हालदार सहित सभी नगरीय निकाय एवं जनपदपंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीडियों कांफ्रेंसके जरिए जुड़े हुए थे।
अधिकारियों ने अब तक किए गए सर्वेक्षण की प्रगतिसे अवगत कराया। जानकारी में बताया गया कि चिप्सके तैयार सीजीक्यूडीसी नाम से मोबाइल ऐप मेंसुपरवाईजर एवं उपयोगकर्ता दोनों के उपयोग हेतु वेबपोर्टल में उपयोगकर्ता द्वारा ऑनलाईन प्रविष्ट किये गयेडाटा के सत्यापन की जिम्मेदारी नियुक्त सुपरवाईजरद्वारा की जा रही है। जिन उपयोगकर्ताओं के पासऑनलाईन पंजीयन की सुविधा नहीं है, उनका पंजीयनऑफलाईन सुपरवाइजर के माध्यम से किया जा रहाहै। सुपरवाईजर द्वारा डाटा संग्रहित एवं सत्यापित कीभी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्य के लिएसुपरवाईजर डोर-टू-डोर भी जा रहे है।
कलेक्टर ने नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत केअधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अधिक सेअधिक इस कार्य के संबंध में स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, मुनादी, सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया केमाध्यम से प्रचार-प्रसार कराएं। अधिकारियों ने बतायाकि जिले में लगभग 05 लाख 31 हजार से अधिकराशन कार्ड के डाटा बेस के आधार पर सर्वेक्षण काकार्य किया जाना है।
बतादें कि राज्य की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्गतथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सर्वेक्षण करक्वांटिफायबल डाटा एकत्रित किए जाने के उद्देश्य सेइस आयोग का गठन किया गया है। यह सर्वेक्षण एवंडाटा संग्रहण का कार्य, चिप्स के तकनीकी सहयोगनगरीय निकाय के अधिकारियों एवं पंचायत एवंग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के माध्यम सेपिछड़ा एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सर्वेक्षणकिया जा रहा है। इस सर्वेक्षण कार्य में प्रगति लाने कीजरूरत है। राज्य शासन पिछड़े वर्ग के हितों को लेकरचिंतित है। सरकार ऐसे वंचित वर्गों के लिए अनेकयोजनाएं संचालित कर रही है। शासन ने पिछड़े वर्ग कीगणना के लिए एक नयी पहल की है। जिसमें राज्य कीजनसंख्या में से पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप सेकमजोर वर्गों का सर्वेक्षण करके क्वांटिफायबल डाटाएकत्रित करने के लिए आयोग का गठन किया गया है।इसके लिए शासन ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) औरआर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना के लिए एकक्वांटिफायबल डेटा मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल लॉन्चकिया है। छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या में अन्यपिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की यहगिनती मोबाइल ऐप से की जा रही है।

























