रक्तदान करने वाले युवा लाकडाऊन के इस समय में कायम कर रहे मिशाल

(सरायपाली काकाखबरीलाल).
ब्लाक के सरायपाली मे राधिका बाई सिदार 43 वर्ष पति खगेश्वर सिदार ग्राम गाताडीह सरसींवा जिला बलौदाबाजार निवासी का
सरायपाली के निजी अस्पताल में तीन दिनों से इलाज जारी हैं जहाँ महिला की स्वास्थ्य ठीक नही होने की वजह से ऑपरेशन करवाने के लिए परिजन भर्ती कर प्राथमिक उपचार के लिए ऑपरेशन होना बताया गया था और शरीर में खून कमी की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि ऑपरेशन ब्लड की कमी होने वजह से नही हो पाना एंव बाद मे भी ब्लड की तुरंत आवश्यकता पड़ सकती है क्योंकि हॉस्पीटल स्थिति ब्लड बैंक में A+ ब्लड की स्टाक भी नही होना ऐसे परिस्थिति में किसी मरीज के लिए सामने आकर सहायता करने वाले नेक दिल रखने वाले चंदन साहू ने अपने साथी उमेश साहू, सुलेमान खान खम्हारपाली निवासी के साथ 12 कि मी दुर शहर सरायपाली ऑकर तीन युनिट रक्तदान देकर महिला के परिवार वालों के लिए
लोकडॉउन के इस विषम परिस्थिति में चंदन साहू इस परिवार के लिए मसीहा साबित हो रहे हैं
वही मरीज के परिजन युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए स्वस्थ रहने की कामना की हैं
चंदन ने बताया कि अबतक 12 युनिट ,उमेश साहू 5 युनिट और सुलेमान ने 8 युनिट रक्तदान कर चुके हैं क्षेत्र में हमारे युवाओं की पहल से रक्तदान समिति छत्तीसगढ़ के नाम से एक समिति भी संचालित करते आ रहे हैं जिसमें किसी भी व्यक्ति को ब्लड की जरुरत पड़ने पर हमे सुचना मिलते ही तुरंत आगे आकर उनके लिए ब्लड देकर निस्वार्थ सेवा करते हैं
चंदन समाज सेवा में तत्पर आगे रहने वाले युवाओं में हैं वे लोगो की निस्वार्थ भाव से आगे आकर सेवा करते रहते हैं
लॉक डाउन के दौरान ब्लड के लिए किसी परिजन के जूझना हमारे क्षेत्र के युवाओं को जागरुक होकर सामने आना चाहिए
मैं सभी स्वस्थ लोगों से यही कहना चाहता हूँ कि सामने आकर रक्तदान करें किसी की जिंदगी में खुशियॉ लाने के लिए ये सबसे बेहतर कार्य साबित होगा मन को भी प्रफुल्लित करता हैं ऐसा करने पर अन्य लोगों को इससे काफी मदद भी मिल सकती हैं किसी की जान बचाई जा सकती हैं लोगों को पहल करना चाहिए.
तेज बुखार, सर्दी खांसी के मरीज़ मिलने पर तुरंत वरिष्ठ डॉक्टरों को सूचित कर टीम के माध्यम से जांच करवाई जा रही है और उसके बाद ही उन्हें गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए सैनिटाइजर और मुंह पर मास्क बांधते हैं। लाने वाले मरीज के साबुन से हाथ धुलवाकर सैनिटाइज करवाते हैं और मरीज को मुंह पर कपड़ा बांधने की सलाह भी देते हैं।
























