
महासमुंद(काकाखबरीलाल)। बसना के राष्ट्रीय राजकीय मार्ग 53 सिंघनपुर में किसान जनजागरण संघ द्वारा किसान आंदोलन दिल्ली में शहीद वीर किसानों को श्रद्धांजलि एवं केंद्र सरकार के काले कृषि कानून का विरोध प्रदर्शन किया गया एवं महामहिम राष्ट्रपति के नाम बसना तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि बिल पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र के कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार कानून, कृषि करार एवं मूल्य आश्वासन कानून, आवश्यक वस्तु संशोधन कारपोरेट घराने के हितैषी तथा किसान, कृषि और आम उपभोक्ताओं के विरुद्ध लाया गया कानून है।
पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से, जय जवान जय किसान, तानाशाही नही चलेगी जैसे कई जोशीले नारों के साथ किसानों ने प्रदर्शन किया।
आंदोलनरत वह हस्ताक्षरित किसान द्वारा ज्ञापन के माध्यम से निम्न मांगो पर अनुरोध किया
- कृषि सुधार के नाम पर लाए गए तीनों कानून रद्द किया जाए।
- एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप C2 फार्मूले के आधार पर वास्तविक उत्पादन लागत का 50% अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मंडी के बाहर या कृषि उपज मंडियों में खरीद की कानूनी गारंटी दिया जाए
- किसानों के हितों की रक्षा के लिए बिजली बिल संशोधन मसौदा 2020 रद्द किया जाए
- पराली जलाने से प्रदूषण के नाम पर भारी-भरकम दंड प्रावधानों को वापस लिया जाए तथा पराली की उचित प्रबंधन हेतु कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रशिक्षित किया जाए
उक्त मांगो को लेकर किसान प्रतिनिधि रामगुलाम सिंह ठाकुर,पारसनाथ साहू,लोकनाथ नायक, धनुर्जय कश्यप, तेजराम विद्रोही,जुगनू चंद्राकर,राधेश्याम शर्मा,राजेश नायक, गजेंद्र कौशले,डोलचन्द पटेल, सोहन पटेल,मदन साहू समेत सैकड़ों किसानों ने ज्ञापन सौंपा है, मांग पूरी म होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है, बता दें कि आने वाले दिनों में किसन की बड़ी संख्या जुटाकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा, आगे की रणनीति भी तैयार की गई।

























