छत्तीसगढ़

रेशम उत्पादन केन्द्र में महिलाओं को दिया जा रहा टसर धागाकरण प्रशिक्षण

जिले में रेशम के उत्पादन एवं उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रेशम धागाकरण मिशन एवं जिला कौशल विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 31 मार्च से शासकीय रेशम उत्पादन केंद्र मसोरा में महिला हितग्रहियों को टसर धागाकरण प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इस संबंध में रेशम विभाग के सहायक संचालक वेणी कश्यप ने बताया कि जिले में उत्पादित टसर कोसाफलों का स्थानीय स्तर पर रेशम मिशन के अन्तर्गत धागाकरण कर स्वरोजगार के अवसर का सृजन किया जा रहा है। इससे इस प्राकृतिक उत्पाद का मूल्य संवर्धन के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी प्राप्त होगा एवं पहले जो कोसा जिले से बाहर भेजकर धागाकरण किया जाता था उसे अब जिले में ही धागाकरण किया जा सकेगा। पहले चरण में जिले में कुल 130 महिला हितग्राहियों का चयन कर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अन्तर्गत करते हुए प्रत्येक हितगग्राहियों को 200 घण्टे का प्रशिक्षण पंजीकृत प्रशिक्षणदाता द्वारा दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद सभी हितग्राहियों को धागाकरण मशीन जिला प्रशासन के सहयोग से उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे वे धागाकरण कार्य कर स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकें। इन चयनित एवं प्रशिक्षित महिला हितग्राहियों को 15 से 20 सदस्यों के स्व सहायता समूह के रूप में गठित कर उन्हें टसर कोसा के रूप में कच्चा माल की उपलब्धता एवं उत्पादित धागे के विक्रय से संबंधित व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी कौशल प्रशिक्षण के दौरान दिया जाएगा। इस अवसर पर सहायक संचालक वेणी कश्यप, सहायक परियोजना अधिकारी पुनेश्वर वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक स्थानीय ग्रामीण साल वनों से रैली कोसाफल का संग्रहण कर आसपास के हाट बाजारों में खुले विक्रय पद्धति द्वारा विक्रय करते थे, किन्तु इस उत्पाद को वर्ष 2021-22 से लघु वनोपज की श्रेणी में सम्मिलित किए जाने के कारण शासन द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा के साथ ही अब समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है।

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छत्तरसिंग पटेल

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