सरायपाली :वकहार्ड फाउण्डेशन द्वारा 32 स्कूलों में बनाया जा रहा शौचालय

विकासखण्ड के कई स्कूलों में अभी भी शौचालय नहीं हैं या जर्जर पड़े हैं, जो उपयोग के लायक नहीं है। ऐसे स्कूलों का चयन कर एलआईसी की वकहार्ड फाउण्डेशन द्वारा विकासखण्ड ही नहीं पूरे भारत में शौचालय निर्माण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत वे स्वयं के व्यय से लड़के व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय का निर्माण करवा रहे हैं। वकहार्ड फाउण्डेशन के द्वारा पूरे भारत में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके सीईओ नवीन पासा हैं। फाउण्डेशन के टेªनर सुरेन्द्र नंद ने बताया कि विकासखण्ड में लगभग 32 शासकीय स्कूलों का चयन किया गया है, जिसमें किसी स्कूल में शौचालय की सुविधा नहीं थी तो किसी में शौचालय जर्जर थे। शौचालय में दो कमरे बनाए गए हैं जिसमें एक बालिका तथा दूसरा बालकों के लिए है। इसमें लेट व बाथ के साथ पानी टंकी की भी सुविधा दी जा रही है। 30 स्कूलांे में निर्माण कार्य जारी विकासखण्ड के शासकीय मिडिल स्क्ूल सिरपुर, मिडिल स्कूल सिरबोड़ा, मिडिल स्कूल कलेण्डा, मिडिल स्कूल कसलबा, मिडिल स्कूल कुटेला, मिडिल स्कूल खैरझिटकी, मिडिल स्कूल अंतरझोला, मिडिल स्कूल कसडोल, स्वामी आत्मानंद मिडिल स्कूल सरायपाली, मिडिल स्कूल वीरेन्द्रनगर, बैतारी, भोथलडीह, पैकिन, बोईरमाल, रिमजी, चिवराकुटा, चारभांठा, पंडरीपानी, प्रेतेनडीह, चकरदा, मोहदा, नवागढ़, कोसमपाली, जंगलबेड़ा, शासकीय मिडिल स्कूल छुईपाली, शासकीय हाई स्कूल केना तथा शासकीय प्राथमिक शाला कसडोल में शौचालय बनाया जा रहा है। इसमें से 9 स्कूलों का शौचालय पूर्ण रूप से तैयार हैं तथा बाकी अभी निर्माणाधीन है, जो कुछ ही दिनों में पूर्ण रूप से तैयार हो जाएंगे।स्कूलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम टेªनर श्री नंद ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखण्ड के 32 शासकीय स्कूलों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को कैसे हाथ धोना, कैसे पानी बचाना है, आदि की जानकारी देते हुए उन्हें शौचालय के सही उपयोग को बताया गया। वहीं लड़कियों को होने वाले मासिक धर्म के दुष्प्रभाव से भी उन्हें अवगत कराया जा रहा है। साथ ही सैनिटरी पेड के इस्तेमाल कैसे करना है, इसके बारे में भी जानकारी दी जा रही है। लड़कियों को सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।





















