
रायपुर@काकाखबरीलाल। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के भूगोल अध्ययनशाला में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर एमए, एमएससी एवं पीएचडी शोधार्थियों के बौद्धिक विकास हेतु व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।
18 अगस्त को अध्ययनशाला में आयोजित इस व्याख्यान माला का विषय ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन था जिसके मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रख्यात भूगोलवेत्ता प्रोफेसर डॉ. एस. सी रॉय को आमंत्रित किया गया था जिनका सम्मान एवं स्वागत भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उमा गोले के द्वारा किया गया। डॉ. रॉय एडी साइंटिफिक इंडेक्स द्वारा विश्व वैज्ञानिक एवं विश्वविद्यालय रैंकिंग वर्ष 2021 के लिए किए गए सर्वे में शीर्ष एशियाई भूगोलवेत्ताओं की सूची में 48 वे स्थान पर है तथा प्रो.रॉय देश में भूगोलविदों के सबसे बड़े निकाय नेशनल एसोसिएशन ऑफ ज्योग्राफर्स इंडिया के महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। प्रोफेसर रॉय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान परिपेक्ष्य में जलवायु परिवर्तन वैश्विक स्तर पर एक विकट समस्या है तथा भारत भी इससे अछूता नहीं है।

उन्होंने छात्रों को बताया की ग्लोबल वार्मिंक का सीधा प्रभाव स्वच्छ जल, भूजल तथा पृथ्वी में जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ रहा है जो भविष्य में और भी विकराल रूप धारण करेगा। प्रो. रॉय से जब छात्रों ने प्रश्न किया की इस समस्या का समाधान कैसे किया जा सकता है तब उन्होंने बताया की स्वच्छ जल, भूजल तथा पृथ्वी में जीवन को सुरक्षित करने के लिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट अब अति आवश्यक है जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को कम किया जा सकता है। प्रो. रॉय ने छात्र-छात्राओं के ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। आयोजित व्याख्यान का संचालन भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. टी.के. सिंह ने किया एवं आभार प्रदर्शन अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवेन्द्र बहादुर द्वारा किया गया। इस दौरान अतिथि सहायक प्राध्यापक दीपक बेज, शोध छात्र लोकेश पटेल, ज्योति साहू, बाबूराम मंडल, एमए, एमएससी के छात्र-छात्राएं एवं विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
























