महांसमुद: इस बार भी 95 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण का लक्ष्य

जिले में इस बार भी 95 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण का लक्ष्य विभाग को मिला है। विभाग ने तोड़ाई को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है। आगामी मई के प्रथम सप्ताह से जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य शुरू होंगे है।
जानकारी के मुताबिक जिले के 78 प्राथमिक सहकारी समिति के अंतर्गत लगभग 787 फड़ों में तेंदूपत्ता संग्रहण किया जाना है। संग्राहकों ने बेहतर उत्पादन के लिए शाख कर्तन व अन्य व्यवस्थाएं कर ली है। फड़ों की सफाई जारी है। जैसे ही तेंदूपत्ता परिपक्व हो जाएगी खरीदी की प्रक्रिया शुरू होगी।
मालूम हो कि पिछले कुछ वर्षों से मई माह के प्रथम सप्ताह से ही खरीदी शुरू हो रही है। ग्रामीण इस बार भी अच्छे पत्ते होने की उम्मीद लगाए हुए हैं। मौसम के कारण लक्ष्य से कम हुआ था संग्रहण विगत वर्ष भी जिले में 95 हजार मानक बोरा लक्ष्य था और 74 हजार 409 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया था। इसकी वजह मौसम में हुआ बदलाव रहा था। इस वर्ष भी मौसम विभाग द्वारा जारी की गई अंधड़, गरज.चमक के साथ बारिश की चेतावनी ने संग्राहकों को चिंता में डाल दिया है।
डीएफ ओ पंकज राजपूत ने बताया कि मौसम अच्छा रहा तो इस वर्ष तेंदूपत्ता की आवक अच्छी हो सकती है। हालांकि मौसम परिवर्तन की संभावना बनी हुई है। अच्छी गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ता जिन इलाकों में बहुतायत रूप से मिलते हैं, वहां पर शाख कर्तन कराया गया है। इसके लिए ग्रामीणों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक जिले में 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खरीदी की जाती है। संग्राहक परिवारों को कई सुविधाएं भी दी जाती है। इसमें उनके बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृति राशि आदि दी जाती है। इस कारण बड़ी संख्या में लोग तेंदूपत्ता संग्रहण करते हैं। कोरोनाकाल में भी तेंदूपत्ता से संग्राहक परिवारों को आर्थिक लाभ मिला। अभी वन विभाग के अफसरों और कर्मियों द्वारा मांगों को लेकर चल रहा हड़ताल भी समाप्त हो गया है। इससे तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य प्रभावित नहीं होगा। पिछले करीब पखवाड़े भर से कर्मी और अफसर आंदोलन पर थे जो शासन से मिले आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर वापस काम पर लौट गए हैं।
























