
काकाखबरीलाल,रायपुर 24 जून 2018। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट फोन वितरण योजना के तहत भरवाये जा रहे फार्म की जानकारी पर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर न सवाल उठाये हैं। फार्म में मांगी जा रही जानकारी पर अकबर ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाये हैं। अकबर ने आशंका जतायी है उन जानकारियों का इस्तेमाल दुरुपयोग के तौर पर हो सकता है।संचार क्रांति योजना के तहत 45 लाख परिवारों को मोबाइल फोन का निःशुल्क वितरण फार्म में ली जा रही जानकारी को लेकर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर एवं कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने आज प्रेस कान्फ्रेंस ली तथा कई सवाल खड़े किए। उन्होंने रमन सरकार से इसका जवाब देने की मंाग की ताकि जनता को अंधेरे में रखकर जानकारी का दुरूपयोग न किया जा सके।
तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि अगर सरकार मोबाइल फोन सिर्फ मुखिया को देना चाहती है तो पूरे परिवार का विवरण क्यों लिया जा रहा है। घरेलू विवरण के नाम पर परिवार के राशन कार्ड, मनरेगा कार्ड, स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड का विवरण भी क्यों मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक खाते की जानकारी भी मांगी जा रही है जिसका मोबाइल फोन वितरण से कोई संबंध नहीं है। बैंक खाते की जानकारी देना जरूरी रखा गया है। मोहम्मद अकबर ने सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना व टिन नंबर की जानकारी मांगे जाने के औचित्य को समझ से परे बताया।
सरकार को घेरते हुए पूर्व मंत्री ने पूछा कि अगर पूरे परिवार का नाम फार्म में लिया जा रहा है तो प्रत्येक सदस्य का आधार कार्ड क्यों मांगा जा रहा है। इतना ही नहीं आधार कार्ड धारक के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान भी मांगा जा रहा है। रमन सरकार प्रत्येक आधार कार्ड धारक के सत्यापन की अनुमति भी मांग रही है। इसका मतलब साफ है कि सत्यापन के नाम पर सरकार हर आधार कार्ड के विवरण तक पहंुच सके और जैसा चाहे उपयोग यानि दुरूपयोग कर सके।
मोबाईल फोन वितरण योजना की पुख्ता अध्ययन करने वाले पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने रमन सरकार द्वारा ली जा रही जानकारियों को चाल बताते हुए कहा कि षड़यंत्र की आशंका दिख रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं सरकार सभी परिवारों के हर व्यक्ति की जासूसी करने वाली है क्योंकि आधार के साथ तो बैंक खातों से लेकर हर जानकारी संलग्न है। पूर्व मंत्री ने सरकार से पूछा है कि क्या वह सरकारी योजना के जरिये जानकारी लेकर मोबाइल फोन पर भाजपा के पक्ष में चुनाव सामाग्री भेजना चाहती है। फार्म में आधार कार्ड के सत्यापन की ली जा रही अनुमति कहीं मोबाइल फोन पर मोदी व रमन के भाषण व भाजपा की ओर से भेजे जाने वाले चुनावी संदेश की अनुमति तो नहीं है। पूर्व मंत्री ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या वह हर परिवार को किसी भी सदस्य की जानकारी का दुरूपयोग नहीं होने देने लिखित आश्वासन देगी। सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए मोहम्मद अकबर ने यह भी जानना चाहा कि अगर सरकार के पास से डाटा चोरी हो जाता है तो इसके लिए कौन जवाबदेह होगा।
मोहम्मद अकबर ने रमन सरकार के इस कदम को प्रथम दृष्टया गैर कानूनी बताया। उन्होंने इसे तुरंत रोके जाने की मांग की। उन्होंने किसी भी परिवार के मुखिया के अतिरिक्त अन्य सदस्यों की जानकारी लिए जाने को तुरंत रोकने की मांग की क्योंकि मोबाइल फोन तो मुखिया को दिया जा रहा है। उन्होंने फार्म में ली जा रही जानकारी का दुरूपयोग नहीं करने के लिए आश्वस्त किए जाने की मांग सरकार से की। पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह से यह आश्वासन भी मांगा कि जनता की गाढ़ी कमाई से वितरण किए जाने वाले मोबाइल फोन पर चुनाव के समय भाजपा के चुनाव प्रचार वाली सामगी नहीं बांटी जाएगी। मोहम्मद अकबर ने कहा कि इस योजना में ली जा रही जानकारियों पर जो गंभीर सवाल उठ रहे हैं उस पर सरकार को प्रत्येक आपत्तियों पर अपना स्पष्टीकरण सामने रखना चाहिए।
























