छत्तीसगढ़

शहनाई बजने से पहले डेढ़ करोड़ के गांजे के साथ पकड़ा गया दूल्हा…

घर में शादी की तैयारी चल रही थी। शहनाई बजने में कुछ ही दिन बाकी थे, इसी बीच पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया। छत्तीसगढ़ बॉर्डर स्थित बरहपान में हुई इस कार्रवाई में 2 गांजा तस्कर (Hemp smugglers) पकड़े गए हैं। इनका 4 राज्यों में संपर्क बताया है। चूड़ा (पोहा) की बोरी के आड़ में ट्रक के जरिए गांजा छोटे कारोबारियों तक पहुंचाते थे। पुलिस ने 5 क्विंटल गांजा भी बरामद किया है। इसकी कीमत डेढ़ करोड़ बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर ट्रक वाहन एमएच 04 जीसी 0081 को जब्त कर लिया है। साथ ही आरोपियों को न्यायालय पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया है।सिंगरौली एएसपी अनिल सोनकर ने की गई कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी अमित कुमार पटेल उर्फ गोलू पिता समयलाल पटेल (25) निवासी लालपुर थाना अमरपाटन जिला सतना की अगले सप्ताह शादी थी। शादी से पहले वह रुपए के बंदोबस्त के लिए बतौर ट्रक चालक गांजा को ठिकानों तक पहुंचाने लगा था। गोलू के साथ अमित उर्फ अप्पू पटेल पिता राजेंद्र पटेल (20) भी गिरफ्तार किया गया है।

वह भी उसी गांव का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि यह दोनों ट्रक एमएच 04 जीसी 0081 में ओडिशा के बलंगीर से छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के रास्ते गांजा सिंगरौली ला रहे थे। यहां से वह गांजा की कुछ मात्रा छोटे कारोबारियों को देते और फिर उसे आगे रीवा व इलाहाबाद पहुंचाते।

लेकिन रविवार रात कोतवाल अरुण पांडेय सहित टीम ने बरहपान में घेराबंदी कर अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य सरगना अभी भी फरार है। उसकी तलाश जारी है।

ऐसे करते थे तस्करी
ओडिशा के बलंगीर से ट्रक में कुल 136 बोरी चूरा पोहा और उसी के बीच छिपाकर 24 बोरी में गांजा रखा था। चतुराई से गांजे की सप्लाई करने वाले थे। लेकिन कोतवाली पुलिस को खबर लग गई और तस्करों के मंसूबे पर पानी फिर गया। दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।

बताया गया है कि गांजा तस्कर गिरोह का मुख्य सरगना रीवां जिले के ग्राम खैरा थाना चोरहटा निवासी नृपेंद्र सिंह पिता बबलू सिंह है। उसकी तलाश के लिए सूचना पर स्थानीय पुलिस ने उसके घर में दबिश दी। लेकिन पुलिस के आने की भनक मिलते ही वह फरार हो गया था। आरोपी मुख्य सरगना की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहली बार सिंगरौली के रास्ते रीवा जा रहे थे। इससे पहले वह उड़ीसा से निकलने के बाद छत्तीसगढ़ अंबिकापुर होते हुए शहडोल ब्यौहारी के रास्ते जाते थे।

पहले भी कई बार खेप को तस्करों ने मुख्य सरगना तक पहुंचाया है। रीवा से इस खेप का आधा हिस्सा प्रयागराज भेजा जाता था। गांजा की खेप ले जाने की एवज में ट्रक चालक को 50 हजार व सहयोगी को 40 हजार रुपए मिलता था।

 

AD#1

छत्तरसिंग पटेल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. +91 76978 91753

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!