कोविडकाल में बच्चों की जान खतरे में डाल कर जनप्रतिनिधि लगा रहे मौज-मेला

कोरोना की तीसरी लहर कैसे बच्चों पर कहर बनकर टूट रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों में गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में बच्चे काफी तेजी से संक्रमित हुए हैं। पिछले कुछ दिनों में कोरोना की रफ्तार तेज हुई है तो प्रदेश के साथ साथ जिले में भी संक्रमण की दर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कोरोना के ताजा मामले में 33 नए कोरोना के केस सामने आए जिसमें आधा दर्जन से अधिक बच्चे संक्रमित मिले हैं। यह सभी बच्चे सोनमुड़ा आश्रम में स्थित बालक छात्रावास के हैं। वहीं जिले में 100 से ज्यादा एक्टिव केस हो गए हैं। बढ़ते संक्रमण के बाद भी प्रशासन और आम नागरिकों की भी लापरवाही सामने आ रही। जहां प्रशासन के द्वारा सभी तरह के शासकीय कार्यक्रमों आयोजनों और रैलियों को प्रतिबंधित किया गया है। उसके बाद खुद प्रशासन के द्वारा पेंड्रा विकासखंड के कन्या हाई स्कूल नवागांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ साथ बच्चों को भी एकत्रित किया गया। जहां शासन द्वारा निर्धारित किए गए कोरोना नियमों का उल्लंघन करते जिम्मेदार अधिकारियों जनप्रतिनिधियों और छात्रों को देखा गया। अब जब जिले में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं और खुद इसमें छात्र और बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन का इस तरह का आयोजन कोरोना के बढ़ते मामलों में और इजाफा कर सकता है। ऐसे में प्रशासन को खुद से आयोजनों को करने से बचना चाहिए।
























