बाझीमौहा जर्जर स्कूल में छात्र छात्राएं पढ़ने को हैं मजबूर सिर पर मंड़रा रहा खतरा, जिम्मेदार बेपरवाह

इसके बाद भी छात्र-छात्राओं को जर्जर स्कूल भवन में बैठ कर शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थी अपना नीव गढ़ रहे, जर्जर स्कूल स्थिति में विद्यार्थीयों पर कभी भी अनहोनी घटनाएं घटित हो सकता है। शासकीय प्राथमिक बाझीमौहा स्कूल भवन की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बारिश होने पर छत से पानी टपकने लगता है और दीवार क्षतिग्रस्त हो चुका है तथा जर्जर हो चुके हैं। कभी भी दीवार भरभरा कर गिर सकता है जिससे कभी भी अनहोनी हो सकता है। बाझीमौहा स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या 50 से अधिक है, लेकिन स्कूल भवन वर्षों पुराने होने के कारण प्लास्टर गिर रहा हैं और छड दिखाई देने लगा हैं तथा कभी भी छत और दीवार भसक सकता है। शाला विकास समिति के अध्यक्ष खेलावन यादव ने स्कूल प्रारंभ होने से पहले भवन की मरम्मत कराने की मांग की ताकि स्कूल के बच्चे और शिक्षक-शिक्षिकाओं को खतरा से बचा जा सकें, और राहत मिल सके। लेकिन इस ओर जिम्मेदार कोई ध्यान नही दिया। शाला समिति के अध्यक्ष ने बताया कि जिस तरह अधिकारियों की आफिस होता उसी तरह शिक्षा के मंदिर भी होना चाहिए, ताकि पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र में स्कूली बच्चों और शिक्षकों को कोई दिक्कत ना हो।






















