कोविड काल में घर में बैठकर दी परीक्षा अब काॅलेज में जगह नहीं

कोरोना महामारी के काल में शासन के नियम अनुसार घर में रहकर परीक्षा देने वाले विधार्थी अब काॅलेज में प्रवेश के लिए भटकने को मजबूर है. अब तक के इतिहास में पहली बार घर में बैठकर परीक्षा हुईं हैं. क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में विधार्थी 80 से 99 प्रतिशत प्राप्त किए हुए हैं. 95 से 100 प्रतिशत विधार्थियो से ही अधिकांश काॅलेज की सीट पुरी हो चुकी है. ऐसी समय में चाहकर भी पसंदीदा काॅलेज में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में मजबुरी में विधार्थियो को प्राइवेट में प्रवेश लेना पडे़गा. काकाखबरीलाल से चर्चा के दौरान विधार्थियो ने कहा कि वो 12 वीं से उतीर्ण है उनका 85 प्रतिशत है वे बीएसी रेगुलर करना चाहती थी लेकिन नाम नहीं आने से वो अब प्राइवेट में प्रवेश लेंगी इसी तरह सैकड़ों विधार्थी है जो चाहकर भी पसंदीदा काॅलेज में प्रवेश नहीं ले पा रही है. अब देखना होगा कि छात्र हित में विश्वविद्यालय द्वारा क्या कुछ नया दिशा जारी हो पायेगा यह आने वाले समय में पता चलेगा.





















