सरायपाली : वितरण शुरू होते ही सर्वर की समस्या भी हो गई है शुरू हितग्राही व विक्रेता दोनों परेशान

सरायपाली। माह के प्रारंभ होते ही जैसे ही सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण कार्य प्रारंभ होता है और ईपोस मशीन का लोड बढ़ता है, सर्वर की समस्या भी पुनः शुरू हो जाती है। इससे हितग्राहियों एवं विके्रताओं दोनों को बहुत अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को और सशक्त बनाते हुए सरकारी राशन दुकानों में खाद्यान्न के तौल में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार अब डिजिटल वेइंग ब्लूटूथ को उपयोग में लाई है। इसके चलते भी हितग्राहियों को ज्यादा देर तक राशन लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। आज भी सर्वर की समस्या के चलते विकासखण्ड के सभी क्षेत्रों के उचित मूल्य की दुकान से हितग्राही वापस लौटे हैं।
गौरतलब है कि कई महीनों से माह के प्रारंभ में जैसे ही सभी राशन दुकानों में वितरण कार्य शुरू होता है, सर्वर डाउन हो जाता है, जिसके कारण हितग्राहियों को राशन का वितरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में दुकान संचालक और ग्राहकों के बीच रोजाना विवाद की स्थिति बन रही है। लोग अपने दूसरे कामों को छोड़कर रोज सुबह राशन दुकान जाते हैं, वहां जाने पर भीड़ में लाइन लगने के बाद सर्वर डाउन की समस्या बता दी जाती है। ऐसे में उन्हें भटकना पड़ता है और काम भी प्रभावित हो जाता है।
तीन बार तौल के कारण भी हो रहा है विलंब
नए योजना के तहत डिजिटल वेइंग मशीन(इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन) को ब्लूटूथ के माध्यम से ई-पीओएस(पॉस) मशीन को जोड़ा गया है। इसकी खासियत यह है कि मशीन में जितना राशन डाला जाएगा वह सीधे विभाग के डाटा सेंटर में ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा और स्लिप भी निकल जाती है। यह सिस्टम राशन दुकानों में तौल में की जानी वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए की गई है। इस सिस्टम से गड़बड़ी तो रूक रही है, लेकिन हितग्राहियांे को राशन लेने के लिए अब बहुत इंतजार करना पडेगा। क्योंकि एक दिन में 50 राशन कार्ड में राशन वितरण करने का लक्ष्य है, तथा इस सिस्टम से राशन भी 3 बार राशन कार्ड नंबर डालकर तीन बार राशन तौला जा रहा है। किसी एक व्यक्ति के परिवार में 5 सदस्य है तो केन्द्र शासन द्वारा प्रति व्यक्ति 5 किलो के हिसाब से 25 किलो का एक बार तौल होगा तथा राज्य शासन द्वारा प्रति व्यक्ति 2 किलो के हिसाब से 10 किलो का एक बार तौल होगा। वहीं शक्कर के लिए भी एक बार तौल होगा। तौल में एक दाना भी आगे पीछे हुआ तो इपोस तौल नहीं लेगा। तौल बराबर मात्रा में होना चाहिए। इस योजना के तहत खाद्य विभाग द्वारा राशन दुकान संचालकों को डिजिटल वेइंग ब्लूटूथ मशीन को ईपोस मशीन से जोड़कर राशन वितरण कार्य 1 जनवरी से प्रारंभ हो गया है। लेकिन राशन दुकानों में सर्वर की समस्या तथा राशन वितरण एक कार्ड के लिए 3 बार तौल होने से भी देरी हो रही है। जिसके कारण विक्रेता भी परेशान है।
लेबर खर्च के लिए नहीं मिलती कोई राशि
वहीं कुछ शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं का कहना है कि उन्होंने चावल, मिट्टी तेल, शक्कर आदि तौलने के लिए जो लेबर रखा है उसके लिए भी शासन से खर्च नहीं मिलता। उसका भी खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है, जिसके कारण भी उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

























