नक्सली मुठभेड़ में शहीद लाल रमाशंकर का पक्का मकान का सपना रह गया अधुरा

(सरगुजा) . बीजापुर में हुए नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त सरगुजा के लाल रमाशंकर पैकरा का खुद का पक्का मकान का सपना अधूरा रह गया. इसके पहले गृहग्राम में उनका पक्का मकान बन पाता, इसके पहले ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.सरगुजा के लखनपुर विकासखंड के ग्राम आमला के निवासी रमाशंकर पैकरा की शहादत की खबर पहुंची तो उनके घर के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक की लहर सी फैल गई. वीर शहीद की पत्नी ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान जिस तरह से उन्हें विधवा होने का दुख झेलना पड़ रहा है, ऐसा दिन किसी को भी ना देखना पड़े. जिस तरह से नक्सलियों ने वारदात को अंजाम दिया है, नक्सलियों पर भी शासन-प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे.एसटीएफ में पदस्थ शहीद जवान रमाशंकर बीते 28 फरवरी को पत्नी व परिजनों से मिलने आए थे. जब रवाना हुए तब किसी को उम्मीद नहीं थी कि यह उनके साथ आखिरी मुलाकात होगी. अब परिजन उनके पार्थिव देह का इंतजार कर रहे हैं. गृहग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
























