छत्तीसगढ़

अब मुहूर्त के टोटे ने कुंवारों का बढ़ाया इंतजार 25 नवंबर से बजने लगेगी शहनाई इस वर्ष शादी के है 7 मुहूर्त

रायपुर( काकाखबरीलाल).    पहले तो कोरोना और अब मुहूर्त के टोटे ने कुंवारों का इंतजार बढ़ा दिया है। कोरोना की वजह से शादी-आयोजनों पर लगे बैन की वजह से कई शादियां पहले कैंसिंल हो गयी थी। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं तो शादी का मुहूर्त ही खत्म हो रहा है। इस साल यानि बचे दो महीने में सिर्फ 7 दिन ही मुहूर्त हैं, जहां हिंदू रीति-रिवाज से शादियां हो सकती है। नवंबर में तीन औऱ दिसंबर चार दिन ही मुहूर्त हैं। शहरी क्षेत्रों में जिस समय सबसे अधिक शादियों का मुहूर्त हुआ करता था, उसी महीने में 15 दिसंबर से 15 अप्रैल के बीच शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। पंडितों का कहना है कि इन्हीं महीनों में धनु संक्रांति से लेकर गुरु और शुक्र जैसे ग्रह को अस्त हो रहे है। इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त का इंतजार करना होगा। इससे पहले मार्च महीने के आखिरी सप्ताह से कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने के कारण लोगों ने अपने अपने घरों की शादियां कैंसिल कर दिया था, क्योंकि देश में लॉकडाउन। इस वजह से अप्रैल से जून से महीने में जब ग्रामीण क्षेत्रों में शादी विवाह, उपनयन संस्कार का पीक सीजन होता है, उस समय भी लोग मांगलिक कार्य नहीं कर पाए। अब अनलॉक जैसी स्थितियां बनी तो शुभ मुहूर्त ही नहीं है। जबकि अच्छे कारोबार के लिए बाजारों को भी शुभ मुहूर्त का काफी इंतजार रहता है। बैंडबाजा, फूलबाजार को काफी उम्मीदें रहती हैं। दिवाली के बाद 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इसी तिथि पर भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह पूजन के साथ शुभ मुहूर्त प्रारंभ होता है। 15 दिसंबर को रात 9.31 बजे सूर्य का धनु राशि में प्रवेश होने से धनुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जो 14 जनवरी तक रहेगा। इसलिए मुहूर्त नहीं है। इसके बाद 17 जनवरी से 12 फरवरी तक गुरु ग्रह और 16 फरवरी से 18 अप्रैल तक शुक्र ग्रह अस्त रहेंगा, जो मांगलिक कार्यों के लिए विशेष माने गए हैं। इसलिए अगले साल 2021 में नवरात्रि पर्व के बाद शुभ मुहूर्त आरंभ होगा। नवंबर में तीन दिन 25, 27 और 30 तरीख और दिसंबर में चार दिन 7, 9, 10 और 11 तारीख को शुभ मुहूर्त है।

AD#1

छत्तरसिंग पटेल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. +91 76978 91753

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!