सरकारी एलईडी बल्ब के काउंटरों पर ,खराब बल्ब बदलने वालो की उमड़ी लंबी लाईन

रायपुर (काकाखबरीलाल). राजधानी रायपुर के सरकारी एलईडी बल्ब के काउंटरों पर खरीदने वाले ग्राहक बेहद कम हो गए हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि खुले बाजार में सरकारी बल्ब की कीमत 70 रुपए के बराबर रेट में ही बेहतर क्वालिटी का बल्ब मिल रहा है। पहले खुले बाजार में ज्यादा कीमत होने पर सरकारी बल्ब के खरीदार अधिक थे। सरकारी बल्ब के पिछले साल काउंटर बंद होने पर इसके खरीदार निराश भी थे, लेकिन अब खुले बाजार में ज्यादा खरीदी हो रही है।
केंद्र सरकार की उजाला योजना में पिछले चार साल से केंद्र सरकार की एजेंसी ईईएसएल एलईडी बल्ब उपलब्ध कराने का काम कर रही है। पहले एजेंसी ने प्रदेश में तीन साल का ठेका दिया था, तब प्रदेश में राजधानी सहित सभी जिलों में ठेका लेने वाली कंपनी ने काउंटर खोलकर लाखों बल्ब बेचे। इसके बाद यह ठेका कंपनी चली गई तो इस कंपनी से बल्ब खरीदने वालों के बल्ब खराब होने पर इनको बदलने वाला कोई नहीं था। इसके बाद जब खराब बल्बों को बदलने के साथ नए बल्ब के लिए काउंटर की मांग उठी तो इसके काउंटर रायपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में खोलने के साथ पोस्ट आफिस में भी खोले गए हैं। इन काउंटरों पर नए बल्ब बेचने के साथ पुराने खराब बल्ब, जाे वारंटी में हैं, उनको बदला भी जा रहा है। सरकारी बल्ब के काउंटरों में नए बल्ब खरीदने वाले कम और खराब बल्ब बदलन वाले ज्यादा आते हैं।
रायपुर के सरकारी एलईडी बल्ब के जो काउंटर हैं, उसमें अब बल्ब के खरीदार कम हो गए हैं। इसके पीछे का कारण जानकार यह बताते हैं कि जो सरकारी एलईडी बल्ब हैं, उसकी कीमत 70 रुपए है, लेकिन इसकी क्वालिटी पहले आने वालों बल्बों की तुलना में खराब है। ये बल्ब दाे से तीन माह में खराब हाे जा रहे हैं। हालांकि इनको बदल कर तत्काल दे दिया जाता है, लेकिन खुले बाजार में 70 रुपए की कीमत पर ही बेहतर क्वालिटी के बल्ब मिल रहे हैं। ये बल्ब एक साल से ज्यादा चल जाते हैं और खराब भी नहीं होते।

























