क्वारंटाइन सेंटर से निकलकर सीआरपीएफ जवान ने किया आदिवासी युवती से दुष्कर्म

सुकमा(काकाखबरीलाल)। जिले में एक सीआरपीएफ जवान ने मवेशी चरा रही आदिवासी युवती का रेप कर दिया। घटना को लेकर ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया और जवान परद कार्रवाई की मांग की। यह मामला दोरनापाल थाना क्षेत्र के दुब्बाटोटा गांव की है। यहां बने कैंप में तैनात 150 बटालियन के 26 वर्षीय जवान दुलीचंद पांचे पर दुष्कर्म के आरोप लगे हैं। गुरुवार को पुलिस ने इसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एएसपी सुनील शर्मा ने बताया कि पकड़े जाने के बाद जवान ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
क्वारंटाइन सेंटर के पास ही हुई घटना
घटना सोमवार को दोपहर के वक्त हुई थी। एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि एमपी के बालाघाट जिले के किरनपुर गांव का रहने वाला जवान छुट्टी से लौटने के बाद दुब्बाटोटा गांव में स्कूल बिल्डिंग में 21 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया गया था। वारदात वाले दिन युवती अपनी चचेरी बहन के साथ मवेशी चराने निकली थी। क्वारंटाइन सेंटर के पास पहुंची तो इन्हें देखकर जवान वहां पहुंच गया। वह युवतियों से नाम-पता पूछने लगा इतने में युवती की बहन वहां से भाग गई। फिर युवती का मुंह दबाकर जवान ने वारदात को अंजाम दिया।
कमांडिंग अफसर पर भी कार्रवाई की मांग
पहले तो युवती ने किसी से कुछ नहीं कहा। मगर दो दिन बाद चचेरी बहन ने अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया। ग्रामीणों ने सामाजिक बैठक कर थाने जाने का फैसला लिया। पूर्व विधायक व अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुंजाम ने कहा कि बस्तर के अंदरुनी इलाकों में तैनात पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स के कैंपों में आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार व शोषण का अंदाजा इस घटना के बाद लगाया जा सकता है। जवानों के करतूत के लिए उनके कमांडिंग अफसरों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
























