सरायपाली

शराब दुकान खोलकर कोरोना वारियर्स का अपमान कर रही सरकार – रामलाल चौहान

  • गरीब बुनकरों की चिंता करे सरकार
  • धान के उठाव में भी तेजी नहीं परिवहन के अभाव में खराब हो रहे धान

सरायपाली (काकाखबरीलाल)। मौजूदा संकट के दौर में सरकार केवल अपने गाल बजाने का काम कर रही है और अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रही है। इस संकटकाल में जहां एक और पूरे देश भर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, पुलिस विभाग के कर्मचारी , सफाई कर्मचारी, बैंक कर्मचारी और अन्य कोरोना वारियर्स अपने और अपने परिवार की चिंता ना करते हुए आम लोगों की सेहत के लिए दिन-रात परिश्रम करके जुटे हुए हैं और कोरोना वैश्विक संकट की घड़ी में लड़ाई लड़ रहे हैं ऐसे दौर में छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब दुकान खोलने का निर्णय करके प्रदेश की लाखों कोरोना वारियर्स की उम्मीदों पर कुठाराघात किया है । उनका अपमान किया है। सरायपाली विधानसभा के पूर्व विधायक रामलाल चौहान ने अविलंब शराब दुकान बंद करने की मांग कर छत्तीसगढ़ सरकार कहा कि विगत चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता के सामने वर्तमान सरकार ने गंगाजल को हाथ में लेकर जो संकल्प लिया था उसे पूर्ण करने का यह अनुकूल समय है। लेकिन सरकार इसके विपरीत आचरण कर रही है ।वही वर्तमान समय में अनेक जगहों से मदिरालय खुलने के बाद मारपीट, लड़ाई झगड़े, खून खराबा की खबरें मीडिया के माध्यम से मिल रही है जो कि निंदनीय है। उन्होंने धान खरीदी मुद्दे पर भी छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि खरीदी केंद्रों में 20 से 30 प्रतिशत धान का ही उठाव हो पाया है । जबकि इतनी ही मात्रा में खरीदी केंद्रों में धान खराब हो चुकी है। इसलिए सरकार को धान के उठाओ पर भी ध्यान देना चाहिए अन्यथा किसानों की सरकार होने का दावा करने वाली है सरकार किसानों की उपज के साथ किस तरह व्यवहार कर रही है यह सर्वविदित है। इससे प्रदेश की किसानों के परिश्रम का मजाक उड़ाया जा रहा है। उस की तौहीन की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि लॉकडाउन, और लॉकडाउन बढ़ने की वजह से छत्तीसगढ़ के बुनकरों की हालत बद से बदत्तर होती जा रही। बुनकर जो कोसा साड़ी, और अन्य साड़ी बुन कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं, लॉकडाउन में कच्चा माल व्यापारियों द्वारा नहीं भेजे जाने और बसें न चलने के कारण कच्चा माल का आदान – प्रदान नही हो पा रहा है। जिसके कारण बुनकरों की आजीविका पूरी तरह छीन गयी है। उपरोक्त जानकारी सरायपाली विधानसभा के पूर्व विधायक रामलाल चौहान ने देते हुए कहा कि बुनकरी न हो पाने के कारण बुनकर परिवार में खाने के लालें पड रहें हैं लेकिन मदद बुनकर परिवारों के लिये नही हो पा रही है। सरायपाली विधानसभा के पूर्व विधायक श्री चौहान ने कहा कि बुनकर जो अधिकतर बसना, सरायपाली, कसडोल, किसडी, बागबाहरा, महासमुन्द, रायगढ़, चंद्रपुर, जांजगीर – चांपा, बिलाईगढ़ आदि जगहों में निवासरत हैं। सरकार को बुनकर परिवारों की आजीविका वापस दिलाने तथा उन्हें राहत दिलाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसलें लिए जाएं। इसके लिए कुछ सुझाव पूर्व विधायक श्री चौहान ने देते हुए बताया कि जो व्यापारी होते हैं, उनके द्वारा कच्चा माल बुनकर परिवारों को देने जानें के लिए छूट दें, उन्हें एक शहर से दूसरे शहर तक जाने दे, ताकि बुनकर परिवारों को कच्चा माल मिल सके, और वे मेहनत करके अपनी आजीविका चला सकें। व्यापारियों को आने दे, ताकि बुनकरों को कच्चा माल मिल सकें, रायगढ़ से पता चला कि एक व्यापारी को बुनकरों तक कच्चा माल पहुचाने जाने के लिए कलेक्टर द्वारा परमिशन जारी नही किया गया । पहली बार परमिशन दे दिया गया था, मगर दूसरी बार नही दिया गया ऐसे में बुनकर परिवार कोरोना से तो नहीं मगर भूख से जरूर मारे जाएंगे।
बुनकर परिवारों का एक बुनकर कार्ड बनाया जाएं, और इस कार्ड की मदद से बुनकरों की आर्थिक स्तिथि सुधारने के लिए उन्हें बिन ब्याज के लोन दिया जाएं, जिससे वे अपनी कमजोर आर्थिक स्तिथि से उबर सके।

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