छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की पहचान शबरी एंपोरियम

(रायपुर काका खबरीलाल) .
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कलाओं की पहचान शबरी एंपोरियम बन गया है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के जिलों के द्वारा उत्पादित हस्तशिल्प सामग्रियों को संग्रहण के माध्यम से क्रय कर शिल्प सामग्री का विक्रय एवं शिल्पकारों के उत्पादों को कंसाइनमेंट के अंतर्गत शबरी एंपोरियम में विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
सिद्धहस्त शिल्पकारों को बाजार सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश में कुल 16 शबरी एंपोरियमों जिसमें मोबाइल शबरी बस भी शामिल है एवं प्रदेश के बाहर नई दिल्ली एवं अहमदाबाद में कुल दो शबरी एंपोरियम संचालित हैं। इस तरह कुल 18 शबरी एंपोरियम संचालित है। जिसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न शिल्प कलाओं के शिल्पकारों की उत्पादित सामग्री विक्रय की जाती है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में शबरी एंपोरियम के माध्यम से तीन करोड़ 57 लाख रूपए का विक्रय किया गया था एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 में माह नवम्बर तक एक करोड़ 80 लाख रुपए का विक्रय किया गया है। जो एक अच्छी उपलब्धि है इन एंपोरियम के माध्यम से शिल्पकारों के उत्पादों को उचित मूल्य पर विक्रय किया जाता है।

























