जेबी हास्पिटल:गर्भावस्था के 11–14 सप्ताह में NT/NB स्कैन क्यों जरूरी?

सरायपाली। गर्भावस्था के दौरान समय पर सोनोग्राफी और आवश्यक जांच कराना मां और भ्रूण के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सरायपाली स्थित JB Hospital में एक गर्भवती महिला की 18वें सप्ताह में पहली बार सोनोग्राफी की गई। जांच के दौरान वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप वशिष्ठ ने भ्रूण की गर्दन के पास तरल पदार्थ जमा होने के संकेत पाए, जो Cystic Hygroma (सिस्टिक हाइग्रोमा) से संबंधित थे। जानकारी के अनुसार, भ्रूण के घुटने के जोड़ में भी असामान्यता सामने आई। चिकित्सकीय परामर्श के बाद गर्भावस्था समाप्त की गई।
11–14 सप्ताह में NT/NB स्कैन क्यों जरूरी?
गर्भावस्था के 11 से 14 सप्ताह के बीच कराया जाने वाला NT/NB स्कैन भ्रूण की गर्दन के पीछे तरल की मोटाई और नाक की हड्डी (Nasal Bone) का आकलन करने में मदद करता है। इससे कुछ क्रोमोसोम संबंधी स्थितियों और संभावित असामान्यताओं के जोखिम का आकलन किया जा सकता है। हालांकि, यह स्कैन सभी जन्मजात समस्याओं की पहचान या पुष्टि नहीं करता।
डॉ. कुलदीप वशिष्ठ ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी कि वे शुरुआती गर्भावस्था में ही स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार निर्धारित समय पर सोनोग्राफी एवं प्रसवपूर्व जांच कराएं। समय पर जांच से संभावित असामान्यताओं की पहचान कर आगे की आवश्यक जांच और चिकित्सकीय निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।






























