प्रदेश के सभी चिड़िया घरों को किया जा रहा सेनेटाईज जानवरों में भी संक्रमण का भय

(रायपुर काकाखबरीलाल). अमेरिका में मादा बाघ की मौत और उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद देश में भी बाघों पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी चिड़ियाघरों को मंगलवार से सैनिटाइज किया जा रहा है। साथ ही मांसाहारी जानवारों पर खास नजर रखने और लक्षण दिखाई देने पर उनके टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसको लेकर सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने निर्देश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक, रायपुर स्थित जंगल सफारी, जू सफारी और बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी चिड़ियाघर में सैनिटाइजेशन कराया गया है। रायपुर में सफारी के निदेशक की अगुवाई में पूरे इलाके को सैनिटाइज किया गया। यह क्षेत्र करीब 320.15 हेक्टेयर है और करीब 300 जानवरों को रखा गया है। छत्तीसगढ़ में 19 बाघ हैं। प्रदेश के सभी जू को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लक्षण दिखने पर ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजने के लिए कहा गया है। वन्य जीवों के संरक्षण के नाम पर छत्तीसगढ़ वन विभाग ने 35 करोड़ की राशि खर्च कर दी है। हालांकि प्रदेश में बाघों के संरक्षण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसी के चलते बाघों की संख्या 46 से घट कर 19 तक आ गई है। वर्ष 2015-16 में 4.75 कराेड़ा रुपए खर्च किए गए थे। जबकि 2016-17 में 10.63 करोड़ा, 2017-18 में 11.97 करोड़ और वर्ष 2018-19 में अब तक 7.36 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

























