प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरीय निकाय चुनाव कराने से डर रही काँग्रेस सरकार – बंजारे

लवन/बलौदाबाजार(काकाखबरीलाल)। प्रदेश मेें आगामी होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को काँग्रेस सरकार के द्वारा अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय लिया गया है। जिसको प्रदेश के सभी विपक्षीय पार्टीयों के द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा है, इसी क्रम में आज जनता काँग्रेस छ.ग. (जे.) के कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंप कर छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम संशोधन अध्यादेश 2019 को निरस्त करने की माँग रखी। वहीं छत्तीसगढ़ छात्र संगठन जोगी के प्रदेश सचिव सुशील बंजारे ने अपने ज्ञापन के माध्यम से बताया की छत्तीसगढ़ के भुपेश सरकार को अपने नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी योजना पर पुर्ण विश्वास नहीे है तथा यह सरकार ग्यारह माह में एक भी विकाश कि बड़ी योजना के नींव नहीं रख पाई हैं, वहीं प्रदेश को और कर्ज मे ढकेलते जा रहा है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम संशोधन से जनता को अपने मनपसंद महापौर और अध्यक्ष चुनने का अधिकर नहीं होगा इसमें सीधे जनता का लोकतांत्रिक मताअधिकार छीन जायेंगे। पार्षदों के द्वारा अध्यक्ष, महापौर बनाना बिलकुल भी उचित नहीं होगा, वहीं सत्ता दल काँग्रेस धन बल के उपयोग कर जनता के ऊपर अपने पसंद का अध्यक्ष और महापौर थोपना चाहते हैं। यदी नियम बनाना ही है तो दल बदल कानून एक्ट को भी इसमें लागू किया जाना चाहिए था। काँग्रेस पार्टी प्रदेश के जनता से झुठे वादे कर प्रदेश में सरकार तो बना ली है लेकिन अपने जन घोषण पत्र के वादें से मुकर रहीं है। सरकार बनने के दस दिनों के भीतर वादा पुरा करने के गंगा जल की कसम खाने वाली कांग्रेस पार्टी आज अपने वादा को भुल कर गंगा जल को अपवित्र कर रही है। तथा भुपेश सरकार को अपने कामों में भरोशा नहीे है। तथा जनता का सरकार से भरोशा पुरी तरह से उठ चुकी है और जनता नगरी निकाय चुनाव एवं त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव में मुंह तोड जवाब देने तैयार बैठी है।इसलिए भूपेश सरकार को नगरीय निकाय व त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव नियम में संशोधन करना पड़ रहा है।

























