छत्तीसगढ़

महांसमुद: गोबर से पेंट बनाने सीख महिलाओं को मशीन का इंतजार

कृषि विभाग के प्रभारी उप संचालक अमित मोहंती का कहना है कि शासन के आदेशानुसार प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों  का चयन कर जयपुर भेजा गया था। ये कर्मचारी प्रशिक्षण लेकर वापस आ गए हैं, लेकिन यूनिट नहीं आने के कारण पेंट बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया है कि तीन कर्मचारियों ने जयपुर जाकर प्रशिक्षण लिया था। ये कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।  से पेंट बनाने वाली कंपनी से गौ सेवा आयोग के बीच एमओयू हुआ है। गोबर से पेंट बनाने की तकनीकी जयपुर की एक संस्था के पास है। यहां की संस्था ने कर्मचारियों को पेंट बनाने का बाकायदा प्रशिक्षण दिया है।

गौरतलब है कि अभी तक गोबर से धूपबत्ती और कंपोस्ट खाद गोबर से कंडे, दीप, मूर्तियां, अगरबत्ती, धूप, स्टीकर, राखी, वर्मी कम्पोस्ट सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जाता है। इन सामानों से महिला समूहों की आय बहुत कम है। इसलिए शासन ने महिला समूह के आय को बढ़ाने के लिए गोबर से पेंट बनाने की योजना तैयार की और प्रशिक्षण के लिए कर्मचारी को भेजा। आने वाले दिनों में मशीन आने की उम्मीद जताई जा रही है।

गोबर से विभिन्न प्रकार के सामान बनाने के बाद अब पेंट व उसके राख से घर को चमकाने वाली पुट्टी बनाने की योजना बनाई है, ताकि इससे गोठान में काम करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हो और वे आत्मनिर्भर बनें। अब बात यह है कि इस योजना का क्रियान्वयन बेहद धीमी गति से चल रहा है। महिलाएं गोबर से पेंट बनाने के लिए इंतजार कर रही हैं। अब महिलाएं पेंट बनाने की पूरी विधि जानती हैं लेकिन उन्हें पेंट बनाने वाली मशीन का इंतजार है।

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छत्तरसिंग पटेल

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