रायपुर

किसानों के खेतों में रकबा कटौती-नाम छूट जाने से किसान परेशान

रायपुर (काकाखबरीलाल).  धान खरीदी में अव्यवस्था को ठीक नहीं किया गया है। किसानों के खेतों के रकबा में कटौती एवं नाम जोडऩे को लेकर विवाद जारी है। जिला पंचायत अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा ने बताया कि तिल्दा के 15 से अधिक गांवों में छूटे किसानों का नाम जोडऩे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। वहीं अभनपुर में जिला पंचायत सदस्यों का प्रस्ताव नहीं मिल पाया है जिससे अनेक गांवों के किसान धान बेचने से वंचित हो रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा ने बताया कि अभनपुर और तिल्दा ब्लॉक में कई किसानों का नाम सॉफ्टवेयर में छूट गया है। इसको लेकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि धरसींव और आरंग में भी इसी तरह की शिकायतें आई है लेकिन अभनपुर ब्लॉक में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं जिसके कारण यहां पर किसान परेशान हो रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य राजू शर्मा ने बताया कि सुहेला, सिमगा के आसपास के कई गांवों के किसान परेशान हैं। बारदाना संकट बरकरार है। अभनपुर के जिला जनपद सदस्य शारदा सोनकर ने बताया कि अभनपुर ब्लॉक में किसान बारदाना संकट से जूझ रहे हैं। किसान नेता एवं पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने बताया कि यहां पर सीमित समय होने के कारण टोकन बांटने की कार्रवाई द्रुत गति से नहीं हो पा रही है जिसके कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने बताया कि नए धान खरीदी केन्द्रों में भी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। विधायक धनेन्द्र साहू ने बताया कि यहां पर सभी व्यवस्था ठीक से चल रही है।
0 किसानों को भुगतान किया जा रहा तत्काल: अपेक्स बैंक
अपेक्स बैंक सूत्रों के अनुसार अभी तक जो धान बिका है उसका भुगतान कर दिया गया है। किसानों से अभी तक 15 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीद लिया गया है। दो हजार करोड़ से अधिक इसका भुगतान कर दिया गया है। वर्तमान में 89 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जाना है लेकिन समय बहुत कम रह गया है। मात्र 25 दिनों में ही यह खरीदी करना भी चुनौतीपूर्ण कार्य है जिसके चलते किसान तनाव में है।
0 मिलिंग की कार्रवाई शुरु
प्रदेश में मिलिंग की कार्रवाई शुरु हो गई है। मिलर्स एसोसियेशन के प्रमुख योगेश अग्रवाल ने बताया कि राजधानी में तथा अन्य आसपास के क्षेत्रों में 1222 राइस मिलों में मिलिंग का काम शुरु हो गया है। केन्द्र सरकार को 60 लाख मीट्रिक टन चावल देना होगा। स्टेट पूल और सेन्ट्रल पूल का चावल बनाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। उन्होंने बताया कि अरवा चावल और उसना चावल बनाने के लिए नीति में स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
0 फटे पुराने बोरों में खरीदा जा रहा धान
प्रदेश की विभिन्न सहकारी समितियों में फटे एवं पुराने बोरों में धान खरीदा जा रहा है। धान के लिए अब फटे पुराने बोरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मार्कफेड के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि राज्य में एक लाख 70 हजार गठान पुराने बोरे हैं। 70 हजार एचडीएफ प्लास्टिक बोरे खरीदी किए गए हैं। कोरोना संकटकाल में जूट मिल बंद होने से बारदानों की खरीदी नहीं हो पाई है। मंडी बोर्ड में भी धान की खरीदी चल रही है।

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छत्तरसिंग पटेल

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