छत्तीसगढ़

नदी में देखा गया विशालकाय घड़ियाल…

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हमीरपुर (Hamirpur) जिला मुख्यालय में आज उस समय हड़कंप मच गया. जब मुख्यालय के किनारे से गुजरने वाली यमुना नदी (Yamuna River) में एक विशालकाय घड़ियाल (Alligator) दिखाई पड़ा ,जो नदी के किनारे निकल कर धूप का मजा ले रहा था, लेकिन भीड़ के वहां जमा होने और शोर शराबा की आवाज को सुनकर वो नदी में चला गया. इसी दौरान नदी में स्थित मछुवारों ने अपनी जान जोखिम में डाल कर उसे पकड़ कर खिलवाड़ करना शुरू कर दिया और मौके में पहुची वन विभाग की टीम ने सख्ती कर घड़ियाल को मछुवारों से आजाद करवाया. वन विभाग के आलाधिकारियों के मुताबिक घड़ियाल नदी में बह कर आया है ,जिसको चोट लगी है और वो बीमार है फिलहाल उसकी देख रेख की जा रही है.

दरअसल, ये मामला हमीरपुर जिला मुख्यालय के मेरापुर गांव का है. जहां पर आज करीब 10 फुट लम्बा और 5 कुंटल वजनीय घड़ियाल यमुना नदी में तैरता दिखाई दिया ,जिसकी जानकारी शहर में हवा की तरह फैल गई और नदी किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई , वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके में पहुंचे. लेकिन इससे पहले वो कुछ करते नदी में मौजूद मछुवारों ने नाव में बैठ कर घड़ियाल की पूंछ पकड़ कर खिलवाड़ करना शुरू कर दिया. हालांकि कुछ देर बाद उसे पकड़ भी लिया लेकिन वन विभाग की सख्ती के बाद उसे छोड़कर फरार हो गए. यमुना नदी में इतने विशालकाय घड़ियाल मिलने से गांव के लोग दहशत में आ गए है.
वहीं, एक कहावत कही जाती है कि पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नही करना चाहिए ,इसी कहावत से साफ हो जाता है कि मगरमच्छ या घड़ियाल पानी मे कितने ताकतवर हो सकते है. इनके जबड़े में आए किसी भी शख्स का बचना नामुकिन है. इसके बावजूद यहां के मछुवारे पहले उसकी पूँछ पकड़ कर उसके साथ खिलवाड़ करते है फिर उसे घेर कर पकड़ लेते है ,लेकिन वहां पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों की नाराजगी के चलते मछुवारे उसे छोड़कर भाग जाते है. अगर इस विशालकाय घड़ियाल के चंगुल में अगर कोई फस जाता तब यहां के हालात क्या होते आप खुद अंदाजा लगा सकते है.
बता दें कि हमीरपुर जिले में यह पहला वाकिया है जब इतना बड़ा विशालकाय घड़ियाल यमुना नदी में नजर आया हो ,घड़ियाल के नदी में मौजूद होने की जानकारी मिलते ही DFO यू सी राय अपनी टीम के साथ मेरापुर गांव पहुचे. उन्होंने बताया कि यह घड़ियाल बीमार है जिसका ऊपरी जबड़ा टूटा हुआ है, क्योकि चंबल नदी में घड़ियालो कि संख्या बहुतायत में पाई जाती है और चम्बल नदी यमुना में मिलती है. इसलिए हो सकता है यह वहीं से बह कर यहां तक पहुँचा हो,फिलहाल वन विभाग की टीमे अब घड़ियाल पर नजर रख रही है और गांव वालों को भी नदी से दूर रहने की सलाह दी जा रही है ,जिससे कोई बड़ा हादसा न हो.
इस दौरान DFO यूसी रॉय के मुताबिक, घड़ियाल शेड्यूल वन के जानवरों की श्रेणी में आया है. इसे छूना ,इसे पकड़ना या फिर इसे कोई नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध होता है. इसके लिए आजीवन कारावास की सजा भी हो सकती है. ऐसे में वो सभी ग्रामीणों को जागरूप करते हुए घड़ियाल की देखरेख सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि अगर घड़ियाल बीमार है या उसको चोट लगी है तो उसके इलाज की भी व्यवस्था की जाएगी

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काका खबरीलाल

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