कोरोना महामारी में इस कदर शिक्षा का गिरा स्तर, घर में उत्तर लिखने के बाद भी फेल हो गए….. . रविवि के इतने छात्र

रायपुर (काकाखबरीलाल). प्रदेश में कोरोना काल में शिक्षा का स्तर किस कदर गिर गया है, इसका उदाहरण पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा परिणाम है. प्रश्नपत्र घर में ले जाकर उत्तर लिखने के बाद भी कई छात्र फेल हो गए, और कई ने पूरक हासिल किया हैरविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा सेमेस्टर एक्जाम की परिणाम घोषित किया गया है. एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में 772 छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 750 छात्र पास हुए, तो 22 छात्र फेल हुए. एमकॉम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल 832 छात्रों में से 814 उत्तीर्ण तो 7 अनुत्तीर्ण रहे. 11 छात्रों ने पूरक हासिल किया. एमए इतिहास प्रथम सेमेस्टर में 118 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 110 उत्तीर्ण और 6 छात्र अनुत्तीर्ण रहे. 2 छात्रों को पूरक मिला.. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति केएल वर्मा ने बताया कि आज दस अलग विषयों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है. परीक्षा परिणाम वेबसाइट prsuuni.in पर देखा जा सकता है. इसके अलावा आज शाम तक दस अलग अलग विषयों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि अब तक जारी परिणाम परीक्षा परिणाम औसतन 96% रहा है. वहीं उन्होंने फेल हुए विद्यार्थियों के संबंध में कहा कि उन्होंने पढ़ाई नहीं की होगी. जब पढ़ाई नहीं किए तो लिखेंगे कहां से और उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे नहीं तो पास कैसे होंगे. वहीं जो लोग ATKT आए हैं, उन्हें परीक्षा का अवसर दिया जाएगा. लेकिन पुनर्मूल्यांकन पुर्नगणना का प्रावधान नहीं है.कुलपति ने कहा कि घर से उत्तर पुस्तिका लिखने के बाद भी तीन से चार प्रतिशत विद्यार्थियों का फेल होना चिंता का विषय है, आंकलन करने की ज़रूरत है. फेल होने वाले विद्यार्थियों में ऐसे विद्यार्थी भी शामिल हैं, जिन्होने उत्तरपुस्तिका जमा ही नहीं किया है. वहीं कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिन्होंने सही उत्तर ही नहीं लिखा है.

























