वन विभाग ने 210 किलो करील पकड़ी, कई बाजारों में मारे छापे
बिलासपुर(काकाखबरीलाल)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बुधवार को वन विभाग की टीम ने 210 किलो करील पकड़ी है। हालांकि इसे बेचने वाले टीम को देखकर भाग निकले। बांस की पैदावार बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ में करील बेचने पर प्रतिबंध हैं। बावजूद इसके चोरी-छिपे इसे बेचा जाता है। बरामद करील की कीमत करीब 16800 रुपए बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर वन मंडल को करील बेचने की सूचना मिली थी। इसके बाद उड़नदस्ते ने बुधवार को तिफरा मंडी रोड, बुधवारी बाजार, शनिचरी बाजार, बृहस्पति बाजार, मुंगेली नाका और सकरी में कार्रवाई की। इस दौरान करील बेचने वाले टीम को देखकर भाग निकले। वन विभाग ने मौके से 210 किलो हरे बांस का करील जब्त किया है।
3 दिन पहले भी वन विभाग ने की थी कार्रवाई
इससे पहले भी 1 अगस्त को वन विभाग की टीम ने छापा मारने की कार्रवाई की थी। नेहरू चौक से लेकर मुंगेली नाका तक हुई इस कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे करील बेचने वाले टीम को देखकर भाग निकले। वन विभाग ने मौके से 110 किलो हरे बांस का करील जब्त किया था। इसकी कीमत करीब 8800 रुपए बताई गई।
बारिश के बाद शुरू होता है नए बांस का दोहन
बांस के जंगलों का लगातार दोहन होते देख सरकार ने इसकी पैदावार बढ़ाने के लिए करील बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बाद भी गर्मी में तस्कर इमारती लकड़ी और बारिश के बाद करील के लिए नए बांस काट लेते हैं। वन विभाग के अनुसार, जितनी करील बरामद हुई है, अगर वो बांस बन जाते तो उनसे दो लाख रुपए से ज्यादा की कमाई होती।

























