सरायपाली:वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा नवरत्न कम्पनी भिलाई स्टील प्लांट का शैक्षणिक भ्रमण

सरायपाली।स्व. राजा वरिन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली जिला महासमुन्द (म.) के वाणिज्य विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा प्राचार्य श्री. पी. के. भोई के मार्गदर्शन एवं विभागाध्यक्ष श्री देवेन्द्र मांझी, सहायक प्राध्यापक डॉ. गायत्री प्रसाद पटेल तथा ही गजपति पटेल लहा. ग्रैंड 01, सुट्टी भूमिका वर्मा सहा प्रा० (कम्प्यूटर बादल) के नेतृत्व में दिनांक 22 मार्च 2025 को भारत का पहला उत्पात उत्पादक संयंत्र भिलाई स्टील प्लॉट भिलाई का शैक्षणिक भ्रमण किया गया। भिलाई स्टील प्लोर की स्थापना लोवियत संघ की मदद से सन् 1955 में हुआ था जो कि अक्टूबर 2023 से मैं कम्पनी को नवरत्न का दर्जा दिया गया तथा वर्तमान में इसका क्षेत्रफल लगभग 20 किलोमीटर तक फैला हुआ है। जिसमें सैफुद्दीन फैजली सहायक मैनेजर (एचआर-लड़) भौर प्रकाश नामक है अधिकारी के ब्रीफ एवं सुख्खा संबंधी जानकारी उपरीत सर्वप्रथम गाईड के साथ महामाया धमनी भाठी कु०४ (बाएर फर्नेस) रेलपात और विभिन्न मुशीरों एवं संयंत्र का निरीक्षण • किया गया जिसमें जलम विद्यार्थियों विद्यार्थियों को बताया गया किकच्चा माल पल्लीराजहरा और आस्ट्रेलिया एवं अन्प देशों जे कोमला प्राप्त करके कैटेनर के माध्यम से प्रोसेल किया जाता है, तथा धमन भाठी का तापमान लगभग 1800 Jempresioन होता है। तथा रेलवे पट्टी की लम्बाई 130 मीटर होती है। जो प्रत्येक रेलूर्व पटरियो में BSP का ट्रेडमार्क लगाया जाता है और उज्की वार्षिक उत्पादन क्षमता’ 31 लाख 53 हजार टन विक्रेय इस्पात की है यह भारत के सभी स्थानों में रेलवे पटरियों बिदिरहे। भिलाई स्टील प्लोर बसे निर्मित रेलवे पटरिया बिद्धि हुई है। जो भारत रेलवे ट्रैक का एकमात्र भारत में / निर्माता है

























