कोरबा

जिले के सरकारी शिक्षकों को डीईओ ने वर्चुअल मीटिंग में जारी किया सख्त फरमान शिक्षक रोज आएंगे स्कूल

कोरबा( काकाखबरीलाल) . कोरबा जिले के सरकारी शिक्षकों को गांव के हर मोहल्ला-पारा में जाकर सर्विलेंस करने कहा गया है। इसमें किसी को छूट नहीं मिलेगी, चाहे फिर उस शिक्षक के घर का कोई सदस्य पॉजिटिव हो या वो गर्भवती शिक्षिका हो। कई सरकारी स्कूल के प्राचार्यों ने मंगलवार को शिक्षकों को अपने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर का एक आदेश और मैसेज भेजा।

आदेश तो विभागीय है, जिसमें कोविड ड्यूटी और घर-घर सर्वे की बात है, लेकिन जो एक अन्य मैसेज है, उसे लेकर शिक्षक परेशान हैं। यह मैसेज डीईओ और बीईओ की वर्चुअल मीटिंग में लिए निर्णय के हवाले से दिया गया है। प्राचार्यों को संकुल समन्वयकों ने वाट्सएप किया है। इसमें सभी शिक्षकों की सर्वे ड्यूटी लगाने की बात है। मेडिकल लीव के लिए मेडिकल बोर्ड के समक्ष जाना होगा। यही नहीं नो वर्क नो पे की चेतावनी भी दी है।

हमने जब डीईओ डॉ. सतीश कुमार पांडेय से इस संबंध में पूछा तब उनका कहना था कि शिक्षक के परिवार में कोई संक्रमित है तो उस शिक्षक को ड्यूटी आना होगा। वहीं गर्भवती शिक्षिका के लिए एक्टिव सर्वेलेंस का काम खतरे वाला है और रायपुर, दुर्ग व अन्य कुछ जिलों में उन्हें ड्यूटी करने से रोक है लेकिन डीईओ पाण्डेय का कहना था कि हमारे जिला प्रशासन ने तो ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। इसी तरह कोविड ड्यूटी जिन शिक्षकों की लगी है, उन्हें करनी ही होगी।

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छत्तरसिंग पटेल

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