लॉकडाउन में शादी की गुहार लगाते कहा- लंबे समय तक शुभ लग्न नहीं, अटक जाएगी शादी

बलौदाबाजार(काकाखबरीलाल)। कोरोना का असर शादी-विवाह पर भी पड़ रहा है। संक्रमण से बचाव के लिए सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगी है, ऐसे में जिन लोगों की शादी तय हो गई है, वे समारोह को लेकर चिंतित हैं और अनुमति के लिए तपती धूप में कलेक्टोरेट पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में अपने-अपने बेटे-बेटी की शादी के कार्ड लेकर उनके पिता अनुमति लेने तपती धूप में घंटों लाइन लगाकर खड़े रहे लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। हर कोई सिर्फ एक ही बात कह रहा था कि हम सिर्फ 5 लोगों को शादी में बुला लेंगे। कुछ लोग मजबूरी में शादी कर रहे हैं, क्योंकि वर-वधु की कुंडली मिलान के दौरान ऐसी स्थिति बनी है कि यदि मई-जून में मिले मुहूर्त में शादी नहीं होती तो फिर लंबे समय तक अच्छी लग्न नहीं मिल रही है। कोदवा से आए देवदास साहू ने बताया कि उनकी दो बेटियां सविता और मोनिका हैं। दोनों की ही 5 जून की शादी निकली है। एक की शादी भाटापारा तहसील के तरेंगा और दूसरी की बिटकुली से होनी है। आशंका यह भी है कि एक बार शादी टल गई तो कहीं आगे भी कोई अड़चन न आ जाए।
मोहतरा के सोहनलाल के बेटे की शादी 7 जून को है। शादी की परमिशन के लिए शादी का कार्ड साथ लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि पहले बेटे की शादी 13 मई को थी, जिसे लॉकडाउन के कारण 7 जून कर दिया। 5 लोग शादी में शामिल हो पाए, इसके लिए परमिशन लेने आए हैं। फिलहाल कुछ जवाब नहीं मिल रहा है। इसी तरह 13 जून को तोरण वर्मा, देवेंद्र भारद्वाज, मनोज कोसरिया अपने बेटे-बेटी की शादी की अनुमति लेने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। एसडीएम बोलीं- शादी पर रोक नहीं पर भीड़ नहीं होनी चाहिए
अनुमति लेने आ रहे परिवार के सदस्यों को एसडीएम लवीना पांडेय ने लिखित अनुमति तो नहीं दी लेकिन मौखिक रूप से शादी करने की अनुमति दी है। लेकिन उसके साथ हिदायत भी दी है कि शादी के दौरान 15 लोगों से ज्यादा नहीं होना चाहिए। साथ ही सहभोज या ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, जिसमें भीड़ एकत्र हो या फिर कोरोना संक्रमण का बढ़ावा मिले। यदि ऐसा पाया जाता है तो वर-वधु के परिजनों पर कार्रवाई की जाएगी। अब मौखिक अनुमति लेने वाले भी असमंजस में हैं कि शादी कैसे करें? क्योंकि यदि ज्यादा लोग हो गए तो उन पर कार्रवाई होगी।
70 फीसदी शादियां की कैंसिल
हालांकि लॉकडाउन के कारण 70 प्रतिशत शादियां कैंसिल हो चुकी हैं और लॉकडाउन खुलने के बाद ही शादियों की नई तारीखें तय करेंगे। लेकिन कुछ लोग मजबूरी में शादी कर रहे हैं, क्योंकि वर-वधु की कुंडली मिलान के दौरान ऐसी स्थिति बनी है कि यदि जून में मिले मुहूर्त में शादी नहीं होती है तो दो या तीन साल बाद शादी का मुहूर्त मिलेगा। इसी कारण लोग कम लोगों और बिना शहनाई, धूमधाम के शादी करने पर मजबूर हैं।
प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंचा जिला
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या 18 होने के कारण बलौदाबाजार पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जिले की गंभीर स्थिति को देखते हुए समूचे जिले पर जिला प्रशासन बारीकी से नजर रखे है। वहीं कोरोना संक्रमण की जांच में जुटे लैब टेक्नीशियन का कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। ऐसी स्थिति में होने वाली शादियों की पूर्व से निश्चित तारीख अब टाली जा रही है। वहीं दूसरी ओर जो शादियां हो रही हैं, उनके लिए दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचकर अनुमति के लिए आवेदन कर रहे हैं। इस व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी जैसे मैरिज गार्डन, टेंट हाउस, हलवाई, बैंड, डीजे, फ्लॉवर, फर्नीचर, बर्तन, कपड़ा सहित सभी छोटे, बड़े कारोबारियों बड़ा नुकसान उठा रहे हैं।
सार्वजनिक विवाह सम्मेलन भी स्थगित
बंद के दौरान शादी समारोह में सबसे बड़ी अड़चन सोशल डिस्टेंसिंग बन रही है, क्योंकि शादी समारोह में सैकड़ों की संख्या में रिश्ते नातेदार और परिचित आते हैं। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना किसी मुश्किल से कम नहीं है। वैवाहिक आयोजनों पर प्रशासन द्वारा रोक नहीं लगाई गई लेकिन एक स्थान पर सैकड़ों लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। वहीं प्रतिवर्ष होने वाले सामूहिक आदर्श विवाह सम्मेलन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत होने वाले विवाह एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भी सम्मेलन स्थगित कर दिए हैं।

























