मोहका में लाखों रूपए राशि गबन मामले में शामिल 8 लोगों के खिलाफ हुआ एफआईआर दर्ज

बिना कार्य करवाए साढे 17 लाख कर दिए हजम
काकाखबरीलाल,सरायपाली। ग्राम पंचायत मोहका में सीसी रोड निर्माण, मंदिर पारा में फर्जी मूल्यांकन, रोजगार गारंटी के अंतर्गत गौरटेकिया तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण में फर्जी मस्टर रोल एवं रोजगार गारंटी में फर्जीफर्म एवं टीन नंबर तथा बिल के माध्यम से 8 लोगों के द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग करने की शिकायत गांव के उमेश साहू एवं अन्य ग्रामवासियों द्वारा किया गया था. जिसकी जांच के लिए कलेक्टर महासमुंद द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया था. जिसमें 3 सदस्यीय टीम द्वारा जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भेजी गई. मामले में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत सही पाया गया. बसना जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेन्द्र कुमार वर्मा ने जांच में पाए गए सभी दस्तावेज के साथ आवेदन प्रस्तुत कर फर्जीवाड़ा की शिकायत थाने में की गई और 8 लोगों के खिलाफ पुलिस ने 420, 409, 34 के तहत अपराध पंंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है.
जानकारी अनुसार ग्राम मोहका के उपसरपंच रोजगार सहायक, सचिव के विरूद्ध गांव के विभिन्न विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा की शिकायत की गई थी. इसके अलावा मोहका के दयासागर द्वारा स्वयं के फर्म जयलक्ष्मी कृषि सेवा केन्द्र के टीन नंबर का फर्जी उपयोग कर फर्जी बिल लगाकर मनरेगा के मटेरियल की बिल भुगतान की राशि की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई थी. जांच में अधिकारियों को बिना कार्य करवाए. पंचायत के अरविंद मिश्रा पिता सत्यानंद मिश्रा, शारदा भोई पति अभिमन्यु भोई, ईसाई भोई पिता सुदर्शन भोई, नीलम चंद्राकर पिता पोखन चंद्राकर, कमल किशोर भोई पिता सोनू भोई, राकेश टंडन, मोतीलाल मिश्रा पिता सत्यानंद मिश्रा, वेणुधर नायक पिता लालसाय नायक द्वारा फर्जी मुल्यांकन कराकर सीसी रोड के लिए 199900 रूपए अफरा तफरी करने, मनरेगा अंतर्गत गौरटेकिया तालाब में बिना गहरीकरण कार्य करवाए 482304 रूपए आहरण करने, वहीं अरविंद मिश्रा जो विगत 9 वर्षों से उपसरपंच के पद पर पदस्थ हैं, पंचायत में स्वीकृत होने वाले समस्त निर्माण कार्यों एवं मनरेगा का कार्य उनके द्वारा करवाया जाना सिद्ध हुआ. वहीं मुख्यमंत्री जनपद सशक्तिकरण योजना अंतर्गत मंदिरपारा में सीसी रोड निर्माण हेतु 2 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मोहका को दी गई. कार्य में उप अभियंता सुश्री नीलम चंद्राकर द्वारा 1,99,991.65 रूपए मुल्यांकन माप में दर्ज किया गया और प्रथम किश्त के रूप में 80 हजार रूपए तथा द्वितीय किश्त के रूप में 1,19,900 रूपए, इस तरह कुल 199900 रूपए का आहरण किया. जबकि उक्त कार्य करवाया ही नहीं गया था, आपस में सांठ गांठ कर षडयंत्र एवं कूट रचना किया गया. गौरटेकिया तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण मेंं 7,58,000 रूपए 512 मजदूरों के नाम से फर्जी दो सप्ताह तक कार्य करवाने का उल्लेख करते हुए राशि आहरण किया गया. इसके अलावा गांव के अन्य विकास कार्य हेतु 5606 रूपए फर्जी बिल पास कर राशि आहरण किया गया. इस तरह कुल मिलाकर 17, 65,610 रूपए फर्जी रूप से राशि आहरण करना पाया गया.

























