सरायपाली:विलेज वर्कशॉप का आयोजन हुआ आयोजन

सरायपाली :- 5 क्लस्टर के 16 गांव में आदि कर्मयोगी अभियान पहुंचने का संकल्प
10 से 11 सितंबर 2025 तक
जनपद पंचायत सरायपाली सभाकक्ष (मनरेगा) भवन में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि सहयोगी विलेज वर्कशॉप का आयोजन किया गया किया गया। कार्यक्रम में विकासखंड नोडल अधिकारी जनपद सीईओ अमित हालदार सहायक नोडल अधिकारी अजय माधवन के द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती के छायाचित्र की पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ।
स्वागत उद्बोधन में विकासखंड नोडल अधिकारी जनपद पंचायत सरायपाली ने अपने जैसे कर्मयोगी बनाने के लिए सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। विकासखंड सहायक नोडल अधिकारी अजय माधवन ने योजना की संक्षिप्त जानकारी दी।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सरायपाली प्रतिनिधि डॉ.प्रकाश पटेल, जनपद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, जनपद सदस्य वेद नायक, गोपबंधु पटेल का आगमन हुआ।
अतिथियों ने बधाई देते हुए कहा कि यह अभियान विकसित भारत के विजन के तहत संचालित है।सबका साथ-सबका विकास के तर्ज पर वर्ष 2030 तक जनजातीय बाहुल्य ग्रामों को पूर्ण विकसित बनाने का लक्ष्य है।
इस विलेज वर्कशॉप आदि सहयोगी अभियान के लिए विकासखंड को 5 क्लस्टर डुडुमचुवां,अर्जूण्डा,भगतसराईपाली, खोखेपुर,पझरापाली में बांटा गया। जिसके अंतर्गत 16 गांव मोहनमुंडा, काकेनचुवां,मौहाडीपा, कोसमपाली,खैरमाल, मुण्डपहार,भुरसापाली,सिरबोड़ा, पझरापाली,जटाकन्हार,सराईपाली,खोखेपुर,टिभुपाली, भगत सराईपाली,कोईलबहाल से शिक्षक,पंचायत सचिव,रोजगार सहायक,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,आर.एच.ओ, सक्रिय महिलाओं को आदि सहयोगी के रूप में प्रशिक्षित किया गया। सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर आदि साथियों को ग्राम स्तर में जाकर प्रशिक्षण देकर धरातल पर कार्य योजना तैयार करेंगे। प्रशिक्षण में समय सारणी अनुसार आदि कर्मयोगी अभियान के उद्देश्य गतिविधियों में अपने नाम, पदनाम उम्र लिखकर परिचय को फाड़ना, मोमबत्ती जलाकर अंधेरा दूर करना, काना फुसी का खेल, बिंदुओं का मिलान, आदिवासी बालिका पर रोल प्ले, नजरी नक्शा बनाना, ग्राम स्तर पर वर्कशॉप तथा ग्राम की कार्यपुस्तिका पर विस्तृत चर्चा, पूरे दिन का फीडबेक और अंतिम में आदि सहयोगीयों को शपथ दिलाई गई। इस प्रशिक्षण को सुचारू संचालित करने के लिए ब्लॉक मास्टर ट्रेनर कृष्ण कुमार मांझी (आदिवासी विकास विभाग) वर्षा अग्रवाल (महिला बाल विकास विभाग)रेखा खम्हारी( महिला बाल विकास विभाग) सुरेश पटेल (स्वास्थ्य विभाग) भानु प्रताप सिदार (पंचायत एवं ग्रामीण विभाग) योगेश साहू (शिक्षा विभाग) दुर्वादल दीप (शिक्षा विभाग) खिलेश्वर साहू (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) नीतू पटेल (आदिवासी विकास विभाग)प्रत्यूष तांडे( वन विभाग) का विशेष योगदान रहा।

























