बसना : पंचायत में लटका रहता है ताला, बनडबरी पंचायत भगवान भरोसे

विजय के.चौहान ,बसना@काकाखबरीलाल। बसना ब्लॉक के ग्राम पंचायत बनडबरी (ब) में इन दिनों सचिव की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश है। पंचायत सचिव द्वारा सप्ताह में कभी कभार पंचायत आने से छोटे-बड़े कार्य के लिए परेशानियोंं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हरिभूमि संवाददाता से चर्चा के दौरान बताया कि सचिव ज्यादातर पंचायत से नदारद रहते है और कभी कभार ही आते है। जिसके कारण ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे व उनका लाभ नही मिल पा रहा है। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, सहित कई जरूरी कार्यो के लिए ग्रामीण सचिव का चक्कर लगाते रहते है। वहीं सचिव द्वारा पंचायत के विभिन्न कार्यो में भी अनिमियताएं बरती गई है।
ग्राम के विकास में सचिवों की अहम भूमिका रहती है, लेकिन जब सचिव ही गांव में न आए तो ग्रामीण क्षेत्रों का विकास किस तरह होगा। आलम यह है कि ग्रामों में सचिव आते ही नहीं हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव नियुक्त होता है, जो शासकीय कर्मचारी के रूप में शासन की याजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, लेकिन देखने में आ रहा है कि बसना जनपद के बनडबरी ( ब) पंचायत सचिव का अपने ग्राम पंचायत से मोहभंग होता जा रहा है, एक ओर अधिकारी जनपद ग्राम पंचायतों का दौरा नहीं कर रहे हैं, वहीं पंचायत सचिव मुख्यालयों पर निवास तो दूर अपनी उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं कर रहें है।
ग्राम पंचायतों की ग्रामीण सचिवों को तलाशते हुए बसना जनपद व उनके निवासों के चक्कर काट रहे हैं। आलम यह है कि ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर दर – बदर भटक रहे है और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से मुंह फेरते नजर आ रहें है।
पंचायत में लटका रहता है ताला, सरपंच सचिव रहतें है अनुपस्थित
ग्रामीणों ने बताया कि आये दिन पंचायत भवन में ताला लटका रहता है जिससे ग्रामीण अपनी छोटी से छोटी समस्याओं के लिए भटकते नजर आते हैं। हरिभूमि संवाददाता ने जब सच्चाई जानने ग्राम पंचायत बनडबरी (ब) पहुंचे तब सच्चाई से रूबरू हुए की वास्तव में पंचायत भवन में ताला लटका मिला सरपंच सचिव से उस समय सम्पर्क करने की कोशिश की गई पर उनका दूरभाष बन्द आया।
पंचायत के आश्रित ग्राम ललितपुर और टुकड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि वो सचिव की अनुपस्थिति से काफी परेशान है।
शासन प्रशासन के नियमों कानूनों को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले सचिव की लापरवाही पर अब प्रशासन कुछ ठोस कदम उठाती है या अनुपस्थित रहने वाले सचिव का यह मनमानी जारी रहेगा यह तो अब भगवान भरोसे है।
पंचायत सचिव ऐसे ही अनुपस्थित रहता है और वो बसना जनपद में ही काम निपटा कर वापस घर चले जाते हैं। सचिव के द्वारा कहा जाता है कि ग्राम पंचायत बहुत दूर है इसीलिए मैं पंचायत और कितना जाऊंगा यहीं से काम निपटा लूंगा ।
– सत्यानंद बरिहा (सरपंच प्रतिनिधि )
नहीं ऐसी बात नहीं है अभी बस कुछ दिन नहीं गया हूँ बाकी मैं पंचायत में हमेशा रहता हूँ
– उपेंद्र साहू , सचिव
इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं थी अगर ऐसी कोई बात है तो मैं पता करवाता हूं।
– सनत महादेवा , सीईओ बसना






















