कोरबा

आदिवासी किसानों पर पुलिस का अत्याचार, प्रधान आरक्षक पर लगा अवैध वसूली का आरोप

कोरबा पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्यवाही की माँग

रितेश गुप्ता,कोरबा(काकाखबरीलाल)।आदिवासी किसानो को प्रताड़ित करने के मामले तो लगातार देखने को मिलते है.किंतु जब पुलिस ही गरीबों पर अत्याचार करने लगे तो इसका जिम्मेदार कौन ? गरीब आदिवासियों पर अत्याचार का एक ताजा मामला सामने आया है…. दरअसल  पसान पुलिस के आरक्षक राकेश सिंह द्वारा अवैध वसूली करने की लिखित शिकायत कोरबा एसपी से की है। शिकायतकर्ता जनपद सदस्य प्रताप मराबी ने पुलिस अधीक्षक कोरबा को लिखित आवेदन करते हुए बताया की पसान थाना में पदस्त प्रधान आरक्षक राकेश सिंह द्वारा लगातार अवैध वसूली की जा रही हैं,

जिसकी कार्यशैली से पसान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण अत्यंत परेशान व भयभीत हैं, आरक्षक राकेश सिंह के द्वारा थाना क्षेत्र के समस्त ग्रामवासियों से अवैध रकम की उगाही की जाती है।

थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी छोटी मोटी घटना या किसी भी थाने से संबंधित मामले में उनके द्वारा आवेदक/अनावेदक तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों से रकम की मांग की जाती है, नहीं देने पर उनके खिलाफ प्रकरण बनाकर जेल की हवा खिला देने की खुलेआम धमकी दी जाती है, जिससे भोले भाले ग्रामीण अत्यंत परेशान होकर दहशत में आकर किसी तरह रकम की व्यवस्था कर उन्हें देते हैं।

जनपद सदस्य द्वारा आरक्षक पर और भी गंभीर आरोप लगाते बताया कि आरक्षक  राकेश सिंह के द्वारा गांव के ही एक भोले भाले कृषक देवलाल की भूमि संबंधी मामले में न तो बयान लिया गया है और न ही कोई कार्यवाही की गई बल्कि इसी तरह से आरक्षक के द्वारा आदिवासी किसानो को आर्थिक एवं मानसिक रूप से ग्रामीणों को भय दिखाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

मुख्य बात यह है कि पसान थाना जो की एक चर्चित पुलिस थाना हैं…वहाँ थाना  प्रभारी  के होने के बावजूद उनके नाक के नीचे  लगातार आदिवासी किसानो को उनके ही स्टॉप के द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा हैं उसके बावजूद अपने स्टॉप की कार्यशैली की जानकारी ना होना पसान पुलिस निरीक्षक की लापरवाही  या संलिप्तता को प्रदर्शित करता हैं.

अब आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि जिले में बैठे उच्च अधिकारी कार्यवाही करते है या कुछ नही..

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Ramkumar Nayak

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